Matlabi rishte dhoka shayari

Best 123+ पीठ पीछे विश्वासघात विश्वास पर धोखा शायरी | Matlabi rishte dhoka shayari

यह दुनिया बहुत मतलबी हो गई है यह पर हम जिस पर भी विश्वास करते है वह हमारा विश्वास तोड़ देता है। विश्वास तोड़ कर वह हमे पीठ पीछे धोखा भी देता है। आपके साथ भी किसी ने विश्वासघात किया है आपको धोखा दिया है तो आपको इस लेख में पीठ पीछे विश्वासघात विश्वास पर धोखा शायरी पढ़नी चाहिए। हमने इस लेख में Matlabi Rishte Dhoka Shayari भी कमाल की लिखी है आप उसे भी पढ़ सकते हो। आपको अभी इस लेख को पढ़ना शुरू कर देना चाहिए और मतलबी लोगों को और मतलबी रिश्तेदारों को टैग करके आपको इस लेख की शायरी को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लगानी चाहिए।

धोखा खाने वाले लोगों को धोखा शायरी बहुत ज्यादा पसंद आती है। किसी ने आपके साथ विश्वासघात किया है आपको धोखा दिया है तो आप इस लेख की शायरी को जरूर से पढ़ें। हमारी टीम ने आपके लिए इस लेख में 123 से भी ज्यादा शायरियां शामिल करी है।

पीठ पीछे विश्वासघात विश्वास पर धोखा शायरी

Matlabi rishte dhoka shayari

अब कोई फर्क नहीं पड़ता जिंदगी में तुम्हारे ना होने का..
साथ होकर भी तुम मुझे धोखा ही देते हो।

Matlabi rishte dhoka shayari

यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझे,
खुशी है कि तुम उस उम्मीद पे खरे उतरे।

Matlabi rishte dhoka shayari

जो उन मासूम आँखों ने दिए थे
वो धोके Aaj तक मैं खा रहा हूँ

Matlabi rishte dhoka shayari

शायद मुझे देने के लिए कुछ भी नहीं था उनके पास
तो धोखा ही दे दिया !!

Matlabi rishte dhoka shayari

धोखेबाज दोस्तों की बस Ek ही कहानी है,
जरूरत पड़ने पर Dhokha देना उनकी निशानी है।

Matlabi rishte dhoka shayari

जिस पर हम अपनी जान लुटाते रहे,
वो ही हमारे सपनों का कातिल निकला!

Matlabi rishte dhoka shayari

लोग कहते हैं की अगर समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं,
मैं धोखा खाकर खामोश हूं और इस बात से सब बेख़बर हैं।

Matlabi rishte dhoka shayari

आखिर कार तुम भी आईने की तरह ही निकले,
जो भी सामने आया तुम्हारे तुम भी उसी के हो गए।

Matlabi rishte dhoka shayari

ज़िंदगी भर काम आया है हमारे, जो सबक तुमने सिखाया,
में तो टूट सा गया था,
पर आगे Ka रास्ता तुमने दिखाया…

Matlabi rishte dhoka shayari

जिन्हें पाने में जमाने लगे हैं,
वो अब धोखा देकर जाने लगे है।

Matlabi rishte dhoka shayari

कमबख्त दिल को अगर इश्क़ में लगाओगे,
लिख के ले लो, धोखा जरूर पाओगे..!

 

धो लेते हैं घाव को Dil के मैखाने के जाम से
नफरत हो गई है मुझे तो ab दोस्ती के नाम से !

 

पीठ पीछे धोखा शायरी 2 Line

काम आए ना मुश्किल में कोई यहां
मतलबी दोस्त हैं मतलबी यार हैं !

 

हमे धोखा देने का गुनाह करके कहाँ
जाओगे गालिब,
ये जमीन और आसमान
सब उसी का है इस जहा में और वह सब कुछ देखता है।

 

इस दुनिया में यह दोस्ती का रिश्ता तो इक दिखावा है,
जरूरत के समय मिलेगा आपको भी धोखा, ये दावा है।

 

दोस्ती के अब मतलब बदल गये है,
जब से मतलब की Dosti होने लगी है।

 

मेरे शहर में अब खुदाओं की कोई कमी नहीं है ज़नाब,
पर ek बात यह भी है कि यहां Dhokha देने वालों Ki भी कमी नहीं है।

झूठ और धोखा शायरी

सीने पर तीर खाकर भी
जब कोई मुस्कुराता है ।
निशाना लाख अच्छा हो पर वह तो बेकार ही जाता है ।

 

दोस्ती का मेरी अच्छा सिला दिया उसने
मुसीबत में मेरी मुझे ही भुला दिया उसने !

 

वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब
हमसे हमारी रात के जुगनू भी ले गया

 

बस इतनी खुशी है कि
वह भी कोई मेरा अपना ही है
क्योंकि कोई ग़ैर
धोखा दे ही नहीं सकता . . !!

 

क्या मिले तुझे मुझसे बेवफाई करके
अच्छे खासे हमारे इस रिश्ते की कबर खोद दी तुमने..!!

 

सुनो दोस्तो…
वो मतलब के रिश्ते होते है।
जिनमें एक दिन धोखा मिलता ही है।

 

जिसको अपना मानकर रातभर देखते रहे,
वह भी ek दिन हमे Dhokha देकर चले गए।

 

Matlabi rishte dhoka shayari

किताबो के अलावा जो चीज़ सबक,
देती है उसका Naam ही तो ज़िन्दगी है।

 

कल रात को खामोशी Meri मुझे देखती रही…
और मुझसे कहा कि Tera जैसा खामोश मैने aaj तक नहीं देखा।

 

हुआ था यूहीं इक बार
किसी से लगाव ज़रा सा
जब धोखा खाया हमने तो फिर सब कुछ समझ आ गया।

 

किसको किसकी पड़ी है।
धोखा देकर बेवफा बन कर फिर भी
वह मेरे सामने ही बेकसूर बनकर खड़ी है।

 

Matlabi rishte dhoka shayari

जिंदगी में कुछ मजबूरियां ऐसी होती हैं,
जहां Dil और जुबां dono खामोश होते हैं।

 

बहुत अजीब हैं तेरे धोखा देकर
हमारी जिंदगी से जाने के बाद की ये बरसातें भी,
हम अक्सर बन्द कमरे में
भीग जाते हैं।।

 

बहुत खामोश रहता हूं
मैं किसी से कुछ भी नहीं कहता हु ….
धोखा मिला है तेरे द्वारा
इसे ही सहता रहता।

 

नशा शराब का हो या मोहब्बत का
जब यह उतरेगा तो Tum बर्बाद हो चुके होंगे..!!

 

धोखा देती है
अक्सर मासूम चेहरे की चमक
हर काँच के टुकड़े
को हीरा नहीं कहते|

 

Matlabi rishte dhoka shayari

खुले आम दुश्मनी कर लो
मगर दिखावे की दोस्ती ना करो|

 

सर से लेकर पैर तक
ताकत लगा लेना
धोखा ek बार दे चुके ho तुम,
दम है तो fir से देकर दिखा देना।

 

बार-बार माफ़ तो किया जा सकता है
पर भरोसा सिर्फ किसी पर भी एक बार ही होता है..

 

तुमसे मिली थी मोहब्बत की पहचान
तुमसे ही दिया धोखे का निशान|

 

ज़िंदगी तब भी थी,
जब तुम नहीं थे….
बस पहले हमारी इस जिंदगी में धोखा देने वाले नहीं थे।

 

हम वह कश्ती है जिनका
कोई किनारा ही ना हुआ,
हम सबके हुए मगर
हमारा कोई भी नहीं हुआ,

 

पहले इश्क़ फिर धोखा फिर बेवफाई,
बड़ी तरकीब से ek ishq ने तबाह कर दिया।

 

जो dil में रहते हैं अक्सर वही धोखा देते हैं,
किसी मोमबत्ती ke धागे को ही देख लो..!

 

गलती उसकी नहीं जो धोखा देता है,
बल्कि उसकी है जो dhokha देने वाले को मौका देता है..!

 

दीवानगी का सितम तो देखो कि धोखा
मिलने के बाद भी
चाहते है हम उनको

 

Matlabi rishte dhoka shayari in hindi

हारा हुआ सा लगता है वजूद मेरा
हर एक ने लूटा है
दिल का वास्ता देकर !

 

धोखा खाकर भी हम मुस्कुरा रहे हैं
तुमसे मोहब्बत थी इसलिए निभा रहे हैं|

 

Matlabi rishte dhoka shayari

हम दोनों ही Dhokha खा गए हमने तुम्हे औरों
से अलग समझा और Tumne हमे औरों जैसा

 

खामोश! रहना ए दिल, यहा अक्सर,
प्यार में दिल जला करते है।।

 

जब Zindagi से तुमने किनारा कर ही लिया है
तो मेरे dil की ज़मीन को भी ख़ाली कर दे . . !!

 

कोई ऐसा ना मिला इस
जमाने में जिसपे दिल लुटा देते,
हर एक शख्स ने धोखा
दिया किस किस को भुला देते।

 

Matlabi rishte dhoka shayari

टूटे हुए दिल का dard वही समझ सकता है
जिसने कभी सच्चा प्यार किया हो..!!!

 

कोई लफ्ज़ नही Fir भी कलम उठाई है..
वह लगता न था कि Dhokha देगी। वह किसी ने बहलाई है।

 

तेरे धोखा देने के बाद भी
हमने वहां भी तुझे ही मांगा है।
जहां लोग खुशिया मांगते है।

 

किसी के दर्द की दवा बनो,
जख्म तो हर इन्सान देता है.

 

जब अपने Dost ही शामिल हो गद्दारों
की चाल में,
फिर क्यों पड़ना दोस्ती के जाल में।

 

Matlabi rishte dhoka shayari in hindi text

कमबख्त दिल को अगर इश्क़ में लगाओगे,
लिख के ले लो, धोखा जरूर पाओगे..!

 

बड़ा गुरूर था हमें अपने Yaar की यारी पर,
बाद में अफ़सोस Huaa उसी Yaar की गद्दारी पर!

 

बड़ी अजीब फितरत है अधूरे ishq की,
किसी को तो धोखेबाज
होना ही पड़ता है !

 

वो शख्स Jo मेरे Dil के इतने क़रीब था
ना जाने वो किसका नसीब था.

 

खूब देखे होंगे आंसू खुशी के तुमने,
कभी मिलो हमसे,
तुम्हे गम की हँसी भी दिखाएंगे !!

 

पता नही कब खत्म होगी ये जिंदगी
सच में हमे तो ab जीने ka मन नही करता..!!

 

जरुरी नहीं है की har तोहफा koi चीज ही हो
तुम्हारा धोखा देना भी किसी
तोहफे से कम नहीं हमारे लिए।

 

जो आंख बंद करके
दूसरों पर भरोसा करते हैं
अक्सर पीठ पीछे
उन्होंने धोखा ही खाया है

 

Matlabi rishte dhoka shayari 2 line

जिसकी चोट पर हमने मरहम लगाए,
हमारे लिए फिर उसने नए खंजर मंगाए..!

 

कोई लफ्ज़ नही है हमारे पास
फिर भी कलम उठाई है..
वह लगता न था कि धोखा देगी।
वह किसी ने बहलाई है।

 

सबकी अपनी अपनी हैसियत है,
कोई प्यार देता है, कोई धोखा।

 

बस इतनी खुशी है कि
वह भी कोई मेरा अपना ही है
क्योंकि कोई ग़ैर
धोखा दे ही नहीं सकता . . !!

 

तेरी यादों का दिया
अब भी जलता है,
मोहब्बत करना गुनाह है यह
धोखा खाकर ही पता चलता है।

 

उन्हें नफ़रत थी,
धोखेबाज लोगों से,
उम्मीद है,
आइना नहीं देखते होंगे, वे।

 

कुत्ता इसीलिए कुत्ता कहलाता है
क्योंकि वो वफ़ादार होता है,
धोखेबाज होता तो इंसान कहलाता

 

परीक्षा में आए मुश्किल सवाल सा हूं
मैं
हर किसी ने छोड़ा है
मुझे बिना समझे…

 

शुक्रिया तेरा , मुझे आईना दिखाने का
हम समझते थे कि तुम सिर्फ
और सिर्फ Ham से ही प्यार करते हो।

 

अब नाराज किसी से नहीं होना है।
अब उम्मीद सिर्फ खुद से है।

 

आपने वाकई में धोखा खाया है तो आपको इस लेख की मतलबी रिश्ते धोखा शायरी जरूर से पसंद आई होगी। यह लेख हमारी टीम ने इतना ज्यादा बेहतरीन बनाया है कि पढ़ने लोगों को इस लेख की 123 की 123 शायरी बहुत ज्यादा पसंद आती है। आप इस लेख की शायरी को अपने फेसबुक स्टोरी में भी जरूर से लगाए।

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