Dussehra Shayari in Hindi — 30+ Best Shayariyan
विजयादशमी यानी दशहरा — बुराई पर अच्छाई की जीत का सबसे पावन पर्व। इस साल दशहरा 2026, 20 अक्टूबर (मंगलवार) को मनाया जाएगा। त्रेतायुग में इसी दिन भगवान श्रीराम ने अहंकारी रावण का वध करके माता सीता को मुक्त कराया था, और तभी से हर साल रावण दहन के साथ हम इस विजय का उत्सव मनाते हैं।
इस शुभ अवसर पर हम लाए हैं 30+ बेहतरीन Dussehra shayari in Hindi — विजयादशमी शायरी, दशहरा 2 line शायरी और Happy Dussehra wishes। इन्हें अपने दोस्तों और परिवार के साथ WhatsApp, Facebook पर शेयर करें और त्योहार की खुशियां दोगुनी करें। और भी शायरियां पढ़ने के लिए DhakadShayari पर आते रहिए।
Dussehra Shayari
बुराई पर अच्छाई की जीत का पैगाम लाया दशहरा,
अंधेरों को चीरकर उजाला फैलाया दशहरा।
रावण दहन की अग्नि में जलें सारे ग़म,
हर दिल में राम बसाया दशहरा।
विजयादशमी आई, खुशियों की बहार लाई,
राम की जीत का डंका दसों दिशाओं में बजाई।
अहंकार का रावण जब भी सामने आए,
मर्यादा का धनुष उठाकर उसे हराई।
दशहरा कहता है, डरो मत अंधेरों से,
उजाला होता है सवेरों से।
राम जैसा धैर्य रखो अपने सीने में,
जीत होगी तुम्हारी, हारेंगे घमंड के चेहरों से।
रावण के दस सिरों में छिपा था अहंकार,
राम के एक बाण ने कर दिया संहार।
सीख यही है दशहरे के त्योहार की,
सच्चाई के आगे झुकता है हर अहंकार।
नीलकंठ के दर्शन, शमी के पत्ते,
दशहरे की खुशबू, ढोल-नगाड़ों के थट्टे।
मिलकर मनाएं विजय का ये पावन त्योहार,
मिट जाएं दिलों के सारे खट्टे-मीठे झगड़े।
अयोध्या लौटे राम, दीप जले घर-घर,
दशहरे की रात चमका हर शहर।
बुराई हारी, अच्छाई की हुई जीत,
यही है विजयादशमी की सच्ची रीत।
रावण दहन देखकर ये समझ आया,
अहंकार का अंत निश्चित है भाया।
जो सीता जैसी मर्यादा में रहे,
राम जैसा सम्मान उसे ही पाया।
दशहरा आया, लेकर नया सवेरा,
मिटा अंधेरा, छाया उजियारा।
दिल में बसे राम, कर्म में हो धर्म,
यही संदेश है विजयादशमी का प्यारा।
दस सिर वाला रावण भी हार गया,
सत्य के आगे अहंकार सार गया।
दशहरा सिखाता है हर साल यही,
जो धर्म पर चले, वही पार गया।
विजय का पर्व, उल्लास का मेला,
रावण दहन का धूम-धड़ाका खेला।
बुराई जलकर राख हुई मैदान में,
अच्छाई का परचम हर दिल में फैला।
Dussehra 2 Line Shayari
रावण दहन की आग में जलें सारे ग़म तुम्हारे,
विजयादशमी लाए खुशियां हज़ार तुम्हारे द्वारे।
बुराई पर अच्छाई की जीत हो, हर दिल में राम का वास हो,
दशहरा मुबारक, जीवन में सदा उल्लास हो।
अहंकार का रावण जलाओ, सत्य का दीप जलाओ,
दशहरे के पावन पर्व पर नया संकल्प उठाओ।
दस सिरों वाला भी हारा, एक बाण के वार से,
सीख लो दशहरे से, जीतो प्रेम और प्यार से।
नीलकंठ दिखे तो समझो शुभ घड़ी आई,
विजयादशमी की बधाई, खुशियां छाईं।
राम जैसा मर्यादित बनो, रावण जैसा अहंकार मिटाओ,
दशहरे का यही संदेश, दिल में बसाओ।
ढोल बजे, नगाड़े बजे, रावण जला मैदान में,
अच्छाई की जीत हुई, खुशी छाई जहान में।
शमी के पत्ते, अपनों का साथ,
दशहरा लाए जीवन में नई सौगात।
अंधेरों से न डरो, उजाला पास है,
दशहरा कहता है, जीत तुम्हारे साथ है।
विजय का तिलक लगाओ, बुराई को भुलाओ,
हैप्पी दशहरा, खुशियों के दीप जलाओ।
Happy Dussehra Wishes Shayari
हैप्पी दशहरा! आपके जीवन से सारे दुख-दर्द रावण की तरह जल जाएं, और खुशियां राम की तरह घर लौट आएं।
विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं! बुराई पर अच्छाई की जीत का ये पर्व आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाए।
दशहरे के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार को ढेरों बधाई — हर मनोकामना पूर्ण हो!
रावण दहन के साथ आपके सारे कष्ट भी भस्म हों, जीवन में सदा विजय हो — शुभ दशहरा!
इस विजयादशमी पर प्रभु राम का आशीर्वाद आप पर बना रहे, घर-आंगन खुशियों से महकता रहे।
हैप्पी विजयादशमी! अहंकार, ईर्ष्या और नफरत के रावण को जलाकर प्रेम और करुणा को अपनाएं।
दशहरा मुबारक हो! नया सवेरा, नई उमंग, नई खुशियां — आपका हर दिन त्योहार जैसा हो।
विजय के इस पावन पर्व पर आपको सफलता की ऊंचाइयां मिलें — दशहरे की शुभकामनाएं!
शमी के पत्तों जैसी शुभता और नीलकंठ के दर्शनों जैसा सौभाग्य आपको मिले — हैप्पी दशहरा!
बुराई हारी, अच्छाई जीती — यही संदेश लेकर आया दशहरा; आपको और आपके परिवार को हार्दिक बधाई!
निष्कर्ष
दशहरा सिर्फ रावण दहन का त्योहार नहीं, बल्कि अपने अंदर के अहंकार, ईर्ष्या और नफरत को जलाने का संकल्प है। इस विजयादशमी पर आइए, बुराई पर अच्छाई की जीत का ये संदेश अपने जीवन में उतारें। आपको और आपके परिवार को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं!
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FAQs
Dussehra 2026 kab hai?
दशहरा 2026, 20 अक्टूबर (मंगलवार) को मनाया जाएगा। इसी दिन विजयादशमी का पर्व और रावण दहन होगा।
Dussehra kyun manaya jata hai?
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था, और मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था।
Ravan dahan ka kya mahatva hai?
रावण दहन अहंकार, अज्ञान और बुराई के नाश का प्रतीक है। रावण के दस सिर काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी जैसे दस विकारों को दर्शाते हैं, जिनका दहन हमें इनसे मुक्त होने की प्रेरणा देता है।
Dussehra par kya shubhkamnayein dein?
दशहरे पर “विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं” या “शुभ दशहरा” कहकर बधाई दी जाती है। ऊपर दी गई Happy Dussehra wishes शायरियों को आप WhatsApp और Facebook पर शेयर भी कर सकते हैं।
